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पुरषो के वस्र वेशभूषा के बारे में जानकारी पार्ट1Information about menswear costumes Part

पुरषो के वस्त्र


धोती - कमर में पहनावे का कपड़ा जो प्रायः चार मीटर लंबा एव 90 सेमी  चौड़ा होता हैं 

आदिमानव द्वारा पहने जाने वाली तंग धोती धेपड कहा जाता है

अंगरखी- ग्रामीण क्षेत्र में पुरषो के शरीर के ऊपरी भाग में पहना जाने वाला वस्र यह पूरी बाहो का बिना कॉलर एव बटन वाला चुस्त कुर्ता जिसमे बांधने के लिए कसे होती हैं यह सफेद रंग का वस्त्र हैं जिस पर कढाई की जाती है


अचकन-अंगरखी का उत्तर (संसोधित)रूप हैं
साफा या पगड़ी-सिर पर लपेट जाने वाला प्रायः सफेद एव 5.5 मिटर लंबा व 40 मीटर चौड़ा होता हैं उदयपुर की पगड़ी व जोधपुर का साफा प्रसिद्ध हैं उदयशाही अमरशाही  विजयशाही है तो मेवाड़ महाराणा प्रताप के पगड़ी बांधने वाला व्यक्ति छाबड़ा कहलाता हैं


पोतियां- भील पुरषो द्वारा पगरी के स्थान पर बाँदा जाने वाला मोटा वस्त्र 
टोपी-पगड़ी की तरह ही सिर को ढकने वाला मोटा वस्र खखसानुमा चोपालिया दुपलिया ये टोपी के प्रकार हैं


शेरवानी-प्रायः मुसलमान पुरषो एव साधीयो में हिंदी पुरषो के द्वारा पहने जाने वाला वस्त्र जो कोटनुमा एव घुटने से लंबा होता हैं

कमीज ग्रामीण पुरषो के द्वारा धोती के साथ जाने वाला कुरतानुमा वस्त्र 



चोगा- अंगरखी के ऊपर पहनना वाला वस्त्र ऊनि चोखा अमृतसर का प्रसिद्ध हैं


पायजामा-पायजामा अंगरखी चुगा ओर जामे के के नीचे कमर व पैरो में पहना जाने वाला वस्त्र हैं


बिरजस -चूड़ीदार पायजामा के स्थान पर पहन जाने वाला वस्त्र पुरषो का कमर से नीचे का वस्त्र होता हैं


घुघी- ऊन का बना वस्त्र जो सर्दी या वर्षा  से बचाव हेतु ओढ़ जाता हैं


पछेवडा-सर्दी से बचने के लिए पुरषो के द्धारा कम्बल की तरह ओढ़े जाने वाला मोटा सूती वस्त्र पचेवदा कहलाता हैं 


अगले भाग में में आपको महिला के वस्त्र के बारे में बताएंगे

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